शनिवार, 28 मार्च 2015

लक्ष्य

यह अवसर है जो आज मिला |
इस अवसर का सम्मान करो ||

पड़ जाए शिथिल न प्रयास कहीं |
फिर गांडीव से टंकार करो ||
जो प्रदान किये नए लक्ष्य कई |
पंक्तिबद्ध इनको आज करो ||

यह अवसर है जो आज मिला |
इस अवसर का सम्मान करो ||

नव लक्ष्य कहीं बाधा न बने |
अश्वों को रथ से खोल न दे ||
वायु गति धारित मनः अश्व |
इस रथ को पथ से मोड़ न दे ||

यह अवसर है जो आज मिला |
इस अवसर का सम्मान करो ||

आह्वान करो इन लक्ष्यों का |
एकिकृत इनको आज करो ||
प्रभु की अद्भुत इस नई भेंट का |
नतमस्तक हो सम्मान करो ||

यह अवसर है जो आज मिला |
इस अवसर का सम्मान करो ||

कोई टिप्पणी नहीं: